Saturday, 18 December 2010

बच्चा बोला देखकर मस्जिद आलिशान

बच्चा बोला देखकर मस्जिद आलिशान
अल्लाह तेरे एक को इतना बड़ा मकान

रस्तेको भी दोष दे ,आखे भी कर लाल
चप्पल मे जो कील है पहले उसे निकाल

टेंट के अन्दर से जो पकवान के खुशबू उडी ,बाहर बैठा कोई भूखा उसे खाता रहा
औरते बेचीं गयी शो -केस मे रखी गयीं , लोग थे खामोश बाज़ार मुस्कुराता रहा

हम आह ही भरते है तो हो जाते है बदनाम
वो कत्ल भी करते है तो चर्चा नही होती

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