बच्चा बोला देखकर मस्जिद आलिशान
अल्लाह तेरे एक को इतना बड़ा मकान
रस्तेको भी दोष दे ,आखे भी कर लाल
चप्पल मे जो कील है पहले उसे निकाल
टेंट के अन्दर से जो पकवान के खुशबू उडी ,बाहर बैठा कोई भूखा उसे खाता रहा
औरते बेचीं गयी शो -केस मे रखी गयीं , लोग थे खामोश बाज़ार मुस्कुराता रहा
औरते बेचीं गयी शो -केस मे रखी गयीं , लोग थे खामोश बाज़ार मुस्कुराता रहा
हम आह ही भरते है तो हो जाते है बदनाम
वो कत्ल भी करते है तो चर्चा नही होती
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